वात दोष के उपाय – Vaat Dosha Remedies in Hindi

ayurveda

यह आयुर्वेदिक और घरेलु उपचार अपनाएं । 

  1. हर दिन तीन गर्म, पौष्टिक भोजन खाएं।
  2. गर्म, भारी, तेल, मीठा, खट्टा और नमकीन खाद्य पदार्थों का पक्ष लें।
  3. मसालेदार, कड़वा या अस्थिर खाद्य पदार्थों को कम करें।
  4. ठंडे, शुष्क और हल्के खाद्य पदार्थों को कम करें।
  5. तरल पदार्थों पर ध्यान दें: ठंड या आइस्ड पेय से बचें, नियमित अंतराल पर गर्म पानी डुबोएं, मादक पेय पदार्थ, कॉफी और काली चाय से बचें।
  6. आयुर्वेद इष्टतम स्वास्थ्य के लिए आयन संतुलन रखने के लिए तीन दोषों या दिमाग / निकाय ऑपरेटरों पर चर्चा करता है। वता प्रमुख दोष है और शरीर में सभी आंदोलनों को नियंत्रित करता है।
  7. सुबह के स्नान या स्नान से पहले गर्म तिल के तेल मालिश के लाभों का अनुभव करें।
  8. गर्म रखें: ठंड, हवादार या ठंडा वातावरण से बचें; लंबे गर्म स्नान और शावर ले लो।
  9. अपने पर्यावरण को आर्द्रता रखने की कोशिश करें।
  10. शांत, शांत वातावरण का आनंद लें। शाम को मानसिक तनाव, अतिसंवेदनशीलता, जोरदार संगीत, और लंबे समय तक टीवी से बचें।
  11. खाने की आदतें और रोजाना एक ही समय में सोने की नियमित आदतों का विकास करें।
  12. हल्का, विनोदी मनोरंजन का आनंद लें।
  13. अपने परिवेश को हल्का और चमकीला बनाओ।
  14. नियमित दैनिक उन्मूलन महत्वपूर्ण है।

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